Thursday, February 5, 2026
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Amroha District History: अमरोहा का रहस्यमयी और गौरवशाली इतिहास…

अमरोहा, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में स्थित एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध ज़िला है। इसका इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है और यह विभिन्न सभ्यताओं और राजवंशों का साक्षी रहा है।

History of Amroha

  1. प्राचीन काल: (Anciant History)
    • अमरोहा की स्थापना महाभारत काल में मानी जाती है। कुछ पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह स्थान राजा विराट की राजधानी विराट नगर के पास स्थित था।
    • यह क्षेत्र पहले ‘अम्रवरुनी’ या ‘अम्रावती’ नाम से जाना जाता था। कालांतर में इसका नाम परिवर्तित होकर ‘अमरोहा’ हो गया।
  2. मध्यकालीन इतिहास:
    • मुस्लिम शासकों के समय अमरोहा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र बन गया।
    • 13वीं शताब्दी में दिल्ली सल्तनत के शासक घियासुद्दीन बलबन ने अमरोहा पर विजय प्राप्त की और यहाँ कई मुस्लिम संत और सूफी आए, जिनमें सैयद शर्फुद्दीन शाह विलायत का नाम प्रमुख है।
    • अमरोहा की लड़ाई (Battle of Amroha) भी प्रसिद्ध है, जो 1305 ई. में अलाउद्दीन खिलजी की सेना और मंगोलों के बीच हुई थी, जिसमें मंगोलों की हार हुई थी।
  3. ब्रिटिश काल:
    • अंग्रेजों के शासनकाल में अमरोहा मुरादाबाद जिले का हिस्सा था और यह क्षेत्र शिक्षा, व्यापार और शिल्पकला के लिए जाना जाता था।
    • यहाँ की लकड़ी की नक्काशी, हांडीक्राफ्ट, और संगीत परंपरा ने खूब ख्याति प्राप्त की।
  4. स्वतंत्रता संग्राम में योगदान:
    • अमरोहा के कई स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। यहाँ के लोग स्वदेशी आंदोलन और असहयोग आंदोलन में सक्रिय रहे।
  5. आधुनिक युग में:
    • आज अमरोहा एक जिला है जिसकी स्थापना 1997 में मुरादाबाद से अलग करके की गई थी।

वासुदेव मंदिर और तुलसी पार्क: मंदिर भगवान शिव को समर्पित है जो अपने 51 फीट ऊंचे शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है और ही पास में तुलसी पार्क है जहां लोग घूमने टहलने और विश्राम करने आते हैं।

history of amroha jila ka itihaas

घंटा मंदिर: यह मंदिर पूर्ण रूप से घंटे के लिए प्रसिद्ध और यह घंटा बजाने और बाँधने का प्रचलन है जिससे मन्नत पूरी होती है।

कैलाश मंदिर: विद्या मंदिर अपने स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है और भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है।

इमामबाड़ा वज़ीर-उन-निसा: इमामबाड़ा मुगल काल में निर्मित हुआ था और सबसे प्राचीन इमामबाड़ा माना जाता है।

चामुंडा माता मंदिर: यह मंदिर माता चामुंडा को समर्पित है और हसनपुर तहसील में पड़ता है जो नवरात्रों में भक्तों की भारी भीड उमडती है।

चकेश्वर महादेव मंदिर: गजरौला में स्थापित यह शिव मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है।

सिता मा खेड़ा: यह जगह माता सीता को समर्पित है और यहां चारों कुल हरियाली और शांत वातावरण है।

जामा मस्जिद: गूगल काली निर्मित यह मंदिर अपने वास्तु कला के लिए प्रसिद्ध है।

गांधी पार्क और ज्ञानी जैल सिंह पार्क: यह पाठ अमरोहा में प्रसिद्ध और लोग यहां विश्रम करने,टहलने घूमने,और बच्चे खेलने के लिए आते हैं।

उद्योग धंधे और कृषि (Indusyries and Agriculture)

अमरोहा जिला, उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है और यह अपने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और व्यावसायिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां के उद्योग-धंधे और कृषि दोनों ही अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

उद्योग-धंधे

(क) लकड़ी का उद्योग
अमरोहा लकड़ी के काम और ढोलक बनाने के लिए प्रसिद्ध है। यहां के ढोलक और तबले देश-विदेश में निर्यात किए जाते हैं। लकड़ी पर नक्काशी का काम भी काफ़ी प्रसिद्ध है।

(ख) कालीन और हस्तशिल्प
कुछ क्षेत्रों में कालीन बुनाई और अन्य हस्तशिल्प कार्य होते हैं, जो परंपरागत कारीगरों द्वारा किया जाता है।

(ग) ढोलक और वाद्य यंत्र निर्माण
अमरोहा में ढोलक, तबला और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों का निर्माण एक प्राचीन और प्रसिद्ध उद्योग है।

(घ) छोटी-मोटी इकाइयाँ
यहां पर कई लघु और कुटीर उद्योग हैं जैसे—अचार बनाना, अगरबत्ती निर्माण, और हस्तनिर्मित सामान।


कृषि

(क) मुख्य फसलें
अमरोहा की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है। यहां की मुख्य फसलें हैं:

  • गन्ना
  • गेहूं
  • धान
  • मक्का
  • बाजरा
  • दलहन और तिलहन की फसलें

(ख) बागवानी: अमरोहा आम (मैंगो) के लिए भी जाना जाता है। यहां कई प्रकार के आम की किस्में उगाई जाती हैं, जो पूरे देश में प्रसिद्ध हैं।

(ग) सिंचाई: यहां की खेती मुख्यतः ट्यूबवेल और नहरों से सिंचित होती है।

(घ) पशुपालन: कृषि के साथ-साथ पशुपालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का हिस्सा है। गाय, भैंस, बकरी आदि पाले जाते हैं। यह जिला कृषि, विशेष रूप से आम (आम के बाग़), गन्ना, और चावल की खेती के लिए जाना जाता है। साथ ही, अमरोहा की लकड़ी की नक्काशी, ढोलक निर्माण और संगीत परंपरा भी विश्व प्रसिद्ध है।

    जनसांख्यिकी (Demography)

    अमरोहा जिला, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल में स्थित है और इसे 15 अप्रैल 1997 को मुरादाबाद से अलग करके एक नया जिला बनाया गया था

    जनसंख्या (2011 जनगणना के अनुसार)
    • कुल जनसंख्या: 18,40,221
      • पुरुष: 9,63,448
      • महिला: 8,76, 222

    जनसंख्या घनत्व – 818 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर

    लिंगानुपात – 1000 पुरुष पर 907 महिलाएं

    साक्षरता दर

    • कुल साक्षरता दर: -65.5%
      • पुरुष: 66.74%
      • महिला: 57.61%

    प्रशासनिक संरचना

    ग्राम पंचायतें: – 106

    कॉलेज, विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान (College, University and Educational Institute)

    1. श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय (SVU), अमरोहा
      यह एक निजी विश्वविद्यालय है जो AICTE, UGC, NAAC आदि से मान्यता प्राप्त है। यहां इंजीनियरिंग, फार्मेसी, लॉ, एजुकेशन, मैनेजमेंट सहित कई पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
    2. J.S. हिंदू पी.जी. कॉलेज, अमरोहा
      यह एक प्रतिष्ठित स्नातकोत्तर कॉलेज है जो महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से संबद्ध है। यहां कला, विज्ञान और शिक्षा के पाठ्यक्रम संचालित होते हैं।
    3. नायब अब्बासी डिग्री कॉलेज
      यह एक निजी डिग्री कॉलेज है जो विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
    4. हाशमी गर्ल्स पी.जी. कॉलेज
      यह महिला शिक्षा को समर्पित एक संस्थान है जो स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रदान करता है।

    अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थान

    • मेस्को इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी
    • श्री मोती स्मृति इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
    • लैंडमार्क टेक्निकल कैंपस

    इंटर कॉलेज और विद्यालय

    • गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, अमरोहा
    • हिल्टन कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल
    • दिल्ली पब्लिक स्कूल, अमरोहा

    अमरोहा की ऐतिहासिक यात्रा को समझने के बाद साफ़ महसूस होता है कि यह जिला केवल एक स्थान नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही एक जीवंत कहानी है।

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    Raushan Singh
    Raushan Singhhttp://thesamastipur.in
    I am a passionate blogger from Samastipur, Bihar. Since childhood, I had a desire to do something for my village, society and country, which I am trying to fulfill through "The Samastipur" platform. Please give your blessings to help roar.
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