History of Ayodhya

अयोध्या, उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण जिला है, जो विशेष रूप से हिन्दू धर्म में एक पवित्र नगरी के रूप में जाना जाता है। इसका इतिहास प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक फैला हुआ है। आई आपको प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक अयोध्या के इतिहास के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हैं-
प्राचीन काल
- रामायण काल:
अयोध्या को त्रेता युग में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है। वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास की रामचरितमानस में इसे ‘कोशल देश की राजधानी’ बताया गया है। यह राजा दशरथ की राजधानी थी और श्रीराम का जन्म यहीं हुआ था।
अयोध्या का नाम ‘अयोध्या’ इस अर्थ में है कि यह ‘अयोध्य’ यानी ‘अजय’ (जिसे कोई जीत न सके) नगरी थी। - बौद्ध और जैन काल:
अयोध्या न केवल हिन्दू धर्म बल्कि बौद्ध और जैन धर्मों के लिए भी पवित्र स्थल है। कई बौद्ध ग्रंथों में अयोध्या का उल्लेख आता है। जैन धर्म के अनुसार, यहाँ पहले तीर्थंकर ऋषभदेव सहित पाँच तीर्थंकरों का जन्म हुआ था।
मध्यकाल:
- मुस्लिम शासन और मुगल काल:
मुगल काल में अयोध्या का महत्व कम हुआ, लेकिन यह धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण बनी रही। कहा जाता है कि 1528 में बाबर के सेनापति मीर बाकी ने यहाँ राम जन्मभूमि स्थल पर बाबरी मस्जिद का निर्माण करवाया। इसी को लेकर आगे चलकर विवाद उत्पन्न हुआ। - भक्ति आंदोलन:
15वीं से 17वीं शताब्दी के दौरान अयोध्या भक्ति आंदोलन का एक केंद्र बन गया। तुलसीदास ने यहीं पर रामचरितमानस की रचना की थी।
ब्रिटिश काल और स्वतंत्रता संग्राम
ब्रिटिश काल में अयोध्या एक धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध रहा, परंतु राजनीतिक रूप से बहुत सक्रिय नहीं रहा। हालांकि, राम जन्मभूमि को लेकर स्थानीय संघर्ष और विवाद जारी रहा सुप्रीम कोर्ट द्वारा निवारण हुआ |
आधुनिक काल:
- राम जन्मभूमि विवाद:
1949 में रामलला की मूर्तियाँ बाबरी मस्जिद में पाई गईं, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ।
1992 में विवादित ढाँचा गिरा दिया गया, जिससे देशभर में दंगे और उथल-पुथल हुई।
लम्बे कानूनी संघर्ष के बाद, 2019 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने विवादित भूमि श्रीराम जन्मभूमि न्यास को सौंप दी, और 2020 में राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। - वर्तमान अयोध्या:
आज अयोध्या एक विशाल तीर्थ क्षेत्र और पर्यटन केंद्र बन चुका है। 22 जनवरी 2024 को रामलला के भव्य मंदिर का उद्घाटन हुआ, जिसने अयोध्या को वैश्विक धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।
प्रमुख पर्यटन स्थल (Famous Tourist Place of ayodhya)
अयोध्या, उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक नगर है जो हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध है और यहाँ अनेक महत्वपूर्ण मंदिर व दर्शनीय स्थल हैं। यहाँ कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल और मंदिरों की जानकारी दी गई है:
श्री राम जन्मभूमि मंदिर
यह मंदिर भगवान राम की जन्मस्थली पर स्थित है। हाल ही में यहाँ भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है, जो वास्तुकला की दृष्टि से अत्यंत भव्य और आकर्षक है। यह तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है।
हनुमानगढ़ी
यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है। यहाँ की मान्यता है कि हनुमानजी अयोध्या की रक्षा करते हैं और श्रीराम के दर्शन के पहले उनके दर्शन जरूरी होते हैं। मंदिर में हनुमानजी की एक विशाल मूर्ति स्थित है।
कनक भवन
यह भवन भगवान राम और माता सीता को समर्पित है। इसे भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी रुक्मिणी को उपहार में दिया था, ऐसी मान्यता है। यहाँ राम-सीता की सुंदर झाँकियाँ और मूर्तियाँ दर्शकों को मोहित करती हैं।
नया घाट (सरयू घाट)
यह सरयू नदी के तट पर स्थित है, जहाँ श्रद्धालु स्नान कर पुण्य लाभ लेते हैं। यहाँ रोज़ शाम को आरती का आयोजन होता है, जो बहुत आकर्षक होता है।
रामकोट
अयोध्या का प्रमुख तीर्थस्थल, जहाँ माना जाता है कि राजा दशरथ का महल था। चैत्र राम नवमी के अवसर पर यहाँ भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
सीता की रसोई
यह एक पवित्र स्थल है जहाँ माता सीता द्वारा रसोई बनाने की मान्यता है। यहाँ आज भी रसोई के पुराने पात्र और वस्तुएँ देखी जा सकती हैं।
श्री मणिराम दास छावनी
यह एक प्रमुख वैष्णव मठ है, जो धार्मिक शिक्षा और राम भक्ति का केंद्र है। यहाँ संतों का निवास होता है और साधना की जाती है।
उद्योग धंधे और कृषि
अयोध्या (उत्तर प्रदेश) एक ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण ज़िला है, लेकिन यहाँ के उद्योग-धंधे और कृषि भी इसकी अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं। नीचे इनके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है:
प्रमुख उद्योग-धंधे:
धार्मिक पर्यटन आधारित उद्योग
अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मभूमि होने के कारण एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिससे होटल, गाइड सेवाएं, पूजा सामग्री की दुकानें, हस्तशिल्प, और रेस्टोरेंट जैसे सेवा आधारित उद्योग पनप रहे हैं।
कुटीर एवं लघु उद्योग
- अगरबत्ती निर्माण
- मूर्तिकला (धार्मिक मूर्तियों का निर्माण)
- लकड़ी व पत्थर की कलाकृतियाँ
- हथकरघा और हस्तशिल्प आधारित वस्तुएँ
- पूजा-सामग्री का निर्माण
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
- चावल, गेहूं, और दलहन जैसे अनाजों का प्रोसेसिंग यूनिट
- सरसों तेल मिलें
- दूध और उससे बने उत्पाद (दूध डेयरी)
निर्माण क्षेत्र
- श्रीराम मंदिर निर्माण के चलते भवन निर्माण, पत्थर तराशने का कार्य और अन्य कंस्ट्रक्शन आधारित उद्योगों में वृद्धि हुई है।
कृषि
खरीफ फसलें (गर्मी और वर्षा ऋतु में)
- धान (सबसे प्रमुख फसल)
- मक्का
- ज्वार
- अरहर (तुअर दाल)
रबी फसलें (सर्दियों में)
- गेहूं
- चना
- मटर
- सरसों
अन्य कृषि उपज
- सब्जियाँ जैसे आलू, प्याज, टमाटर
- गन्ना (कुछ क्षेत्रों में)
- आम और अमरूद जैसे फल
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन
- यहाँ के किसान गाय-भैंस पालन भी करते हैं, जिससे दूध उत्पादन में योगदान मिलता है।
कॉलेज, विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान (College, University and Educational Institute)
अयोध्या (पूर्व में फैज़ाबाद) उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख धार्मिक और शैक्षणिक केंद्र है। यहाँ कई प्रमुख कॉलेज, विश्वविद्यालय और शैक्षिक संस्थान स्थित हैं। नीचे कुछ महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों की सूची दी गई है:
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय (Dr. Ram Manohar Lohia Avadh University)
- स्थान: अयोध्या
- स्थापना: 1975
- प्रकार: राज्य विश्वविद्यालय
- कोर्स: स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी — कला, विज्ञान, वाणिज्य, शिक्षा, प्रबंधन, विधि आदि।
- विशेषता: यह अयोध्या और आसपास के जिलों के सैकड़ों कॉलेजों से संबद्ध है।
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (Rajarshi Tandon Open University) – अध्ययन केंद्र
- अयोध्या में इसके अध्ययन केंद्र स्थित हैं जो ओपन लर्निंग के माध्यम से शिक्षा प्रदान करते हैं।
अवध कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी एंड रिसर्च (Awadh College of Pharmacy & Research)
- स्थान: अयोध्या
- कोर्स: बी.फार्मा, डी.फार्मा आदि
शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज
- स्थान: अयोध्या
- स्थापना: हाल ही में
- प्रकार: सरकारी मेडिकल कॉलेज
- कोर्स: एमबीबीएस, पैरामेडिकल आदि
सेंट्रल संस्कृत विश्वविद्यालय (Central Sanskrit University – Campus in Ayodhya)
- यह विश्वविद्यालय संस्कृत शिक्षा के लिए समर्पित है और वैदिक अध्ययन व शास्त्रों की पढ़ाई कराई जाती है।
कामता प्रसाद सुंदरलाल साकेत महाविद्यालय (K. P. S. S. Saket Mahavidyalaya)
- स्थान: अयोध्या
- संबद्ध: अवध विश्वविद्यालय
- कोर्स: बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए आदि
जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV), अयोध्या
- केंद्रीय सरकार द्वारा संचालित उत्कृष्ट आवासीय विद्यालय
सरस्वती विद्या मंदिर, अयोध्या
- आरएसएस द्वारा संचालित विद्यालयों की श्रृंखला, जो अच्छी माध्यमिक शिक्षा के लिए जानी जाती है।
जनसांख्यिकी (Demography)
अयोध्या जिला, जिसे पहले फ़ैज़ाबाद के नाम से जाना जाता था, उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख जिला है। 2011 की जनगणना के अनुसार, इसकी जनसांख्यिकीय और प्रशासनिक विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
जनसंख्या और जनसंख्या घनत्व:
- कुल जनसंख्या: 24,70,996
- पुरुष: 12,59,628
- महिला: 12,11,368
- जनसंख्या घनत्व: 1,054 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर
लिंगानुपात:
- प्रति 1,000 पुरुषों पर 961 महिलाएं
साक्षरता दर:
- कुल साक्षरता दर: 58.7%
- प्रभावी साक्षरता दर (7 वर्ष और उससे अधिक आयु के लिए): 70.63%
पंचायती व्यवस्था:
- कुल ग्राम पंचायतों की संख्या: 835
- कुल गाँवों की संख्या: 1,272
- आबाद गाँव: 1,235
- गैर-आबाद गाँव: 37
प्रमुख नदियाँ:
- सरयू नदी: यह अयोध्या की प्रमुख नदी है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रशासनिक विभाजन:
- तहसीलों की संख्या: 5
- विकास खंडों की संख्या: 11
भाषाएँ:
- हिंदी: 83.00%
- अवधी: 13.50%
- उर्दू: 3.14%
History of Ayodhya: इस तरह अयोध्या जिला उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण जिलों में से एक है और रामनगरी कहे जाने के अलावा जब से यहां नहीं राम मंदिर का निर्माण हुआ है तब से यह यूपी का नंबर वन जिला जाना जाने लगा है। भारत ही नहीं अब विश्व में भी अयोध्या के नाम की चर्चा होती है।
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