विषयसची
History of Bareilly
प्राचीन काल
मध्यकाल
मुगल काल
रोहिला शासन
ब्रिटिश काल
स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक युग
संस्कृति और विरासत
Famous Tourist Place of Bareilly
प्रमुख उद्योग और धंधे (बरेली ज़िला)
कृषि (बरेली ज़िला)
Demography of Bareilly
Famous food of bareilly UP
College, University and Educational Institute
History of Bareilly
उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले का इतिहास काफी प्राचीन और समृद्ध रहा है। इसका संबंध प्राचीन भारत की सभ्यताओं से लेकर मुगल काल और ब्रिटिश शासन तक जुड़ा हुआ है। बरेली जिले का नाम फिल्मी दुनिया में भी लिया जाता है और इस शहर से जुड़े कई गाने भी बने हैं | आइए इसके इतिहास पर विस्तार से नज़र डालते हैं:
प्राचीन काल
बरेली क्षेत्र को प्राचीन समय में पंचाल देश का हिस्सा माना जाता था। महाभारत काल में इसे उत्तर पंचाल कहा जाता था, जिसकी राजधानी अहिच्छत्र (आज का रामनगर, बरेली के पास) थी। अहिच्छत्र एक प्रमुख बौद्ध केंद्र भी रहा है, जहाँ खुदाई में कई बौद्ध स्तूप और अवशेष मिले हैं।
मध्यकाल
बरेली क्षेत्र पर कई राजवंशों ने शासन किया – जैसे गुप्त वंश, कन्नौज के राजवंश, और पश्चात् में मुस्लिम शासकों ने। 13वीं से 16वीं शताब्दी तक यह क्षेत्र मुस्लिम शासकों के अधीन रहा। 1537 ई. में अफगान शासक मक़सूद खान ने आधुनिक बरेली शहर की स्थापना की।
मुगल काल
बरेली मुगल साम्राज्य के अधीन एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र बन गया। शाहजहाँ के शासनकाल में बरेली को एक प्रमुख ‘परगना’ के रूप में विकसित किया गया।
रोहिला शासन
18वीं शताब्दी में बरेली रोहिलाओं का गढ़ बन गया। प्रमुख रोहिला नेता अली मुहम्मद खान ने यहाँ की सत्ता संभाली, बरेली को रोहिलखंड की राजधानी भी बनाया गया था।
ब्रिटिश काल
1774 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने नवाब शुजाउद्दौला और मराठों की मदद से रोहिलों को हरा दिया। इसके बाद बरेली अंग्रेजों के अधीन आ गया। 1857 की क्रांति में बरेली ने सक्रिय भागीदारी की; यहाँ के विद्रोहियों ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ संघर्ष किया।
स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक युग
बरेली स्वतंत्रता आंदोलन का भी एक केंद्र रहा है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद बरेली उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख जिला बन गया है।
संस्कृति और विरासत
बरेली का नाम प्रसिद्ध “झुमका गिरा रे…” गीत से भी जोड़ा जाता है, जिससे यह सांस्कृतिक रूप से भी चर्चित हो गया।यहाँ बरेली की ज़री-ज़रदोज़ी कढ़ाई, बांस की बनी वस्तुएँ, और लकड़ी का काम मशहूर है।
Famous Tourist Place of Bareilly
बरेली जिला, उत्तर प्रदेश, अपने समृद्ध इतिहास, संस्कृति और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ कुछ प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थल निम्नलिखित हैं:-
अलखनाथ मंदिर

अलखनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसकी वास्तुकला बहुत ही सुंदर और अद्भुत है।
त्रिवती नाथ मंदिर
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसकी वास्तुकला भी बहुत पुरानी और अद्भुत है।
दरगाह ए आला हजरत
यह दरगाह मुस्लिम संप्रदाय के बहुत ही प्रसिद्ध विद्वान इमाम अहमद राजा खान की समाधि हैयह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसकी वास्तुकला भी बहुत पुरानी और अद्भुत है।
अहिछत्र
यह जगह पांचाल राज्य की राजधानी रहा और अपने ऐतिहासिक खंडहरों और जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।
फन सिटी
अपने परिवार के साथ इंजॉय करने का एक अच्छा जगह है जहां वाटर पार्क और कई तरह के राइड्स उपलब्ध है।
प्रमुख उद्योग और धंधे (बरेली ज़िला)
- फर्नीचर उद्योग:
बरेली अपने उत्कृष्ट फर्नीचर (खासतौर पर लकड़ी का फर्नीचर) के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के कारीगरों का काम देशभर में मशहूर है। - झाड़ू निर्माण:
यहाँ झाड़ू बनाने का परंपरागत व्यवसाय बहुत प्रचलित है, खासकर महिलाओं के बीच। - बांस और बेंत का काम:
बरेली में बांस और बेंत के उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं, जैसे कुर्सियाँ, टेबल, टोकरियाँ आदि। - परफ्यूम / इत्र उद्योग (कन्नौज के निकट होने से प्रभाव):
कुछ मात्रा में इत्र और सुगंधी पदार्थों का व्यापार भी होता है। - कपड़ा और हथकरघा उद्योग:
बरेली में कुछ हद तक हथकरघा उद्योग, जैसे सूती वस्त्र निर्माण, भी चलता है। - फार्मा और कैमिकल उद्योग:
औद्योगिक क्षेत्रों में कुछ फार्मास्युटिकल और केमिकल कंपनियां भी स्थापित हैं।
कृषि (बरेली ज़िला)
- गेहूं:
रबी की प्रमुख फसल, बड़ी मात्रा में उत्पादन होता है। - धान (चावल):
खरीफ की मुख्य फसल, मॉनसून पर निर्भर रहती है। - गन्ना:
नकदी फसल के रूप में गन्ना बड़े पैमाने पर बोया जाता है। - आलू और अन्य सब्ज़ियाँ:
आलू, टमाटर, बैंगन आदि सब्ज़ियाँ भी किसानों के लिए आय का स्रोत हैं। - तिलहन और दलहन:
सरसों, मूंग, उड़द, चना आदि भी उगाए जाते हैं।
History of Bareilly की Demography of Bareilly
- जनसंख्या (2011): 94,40,359
- जनसंख्या घनत्व: 280 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर
- लिंगानुपात: 1000 पुरुष पर 886 महिला
- साक्षरता दर: साक्षरता दर 58.48% है जिसमें पुरुष की साक्षरता दर 66.5 0% और महिला के साक्षरता दर 44.39% है।
Famous food of bareilly UP
मुग़लई भोजन
बरेली में मुग़लई खाने का अच्छा प्रभाव है, जैसे:
- निहारी और कुलचा – खासतौर पर सर्दियों में खाया जाता है।
- कबाब – गलौटी कबाब, शामी कबाब जैसे पकवान यहाँ के स्वाद का हिस्सा हैं।
- कड़ाही गोश्त, चिकन करी, और बिरयानी भी काफी लोकप्रिय हैं।
शाकाहारी व्यंजन
- कचौरी-जलेबी – सुबह के नाश्ते में आम।
- आलू-टमाटर की सब्ज़ी के साथ पूड़ी – त्योहारों और खास मौकों पर।
- चना चाट, पापड़ी चाट, और दही भल्ले – स्थानीय स्ट्रीट फूड का हिस्सा।
मिठाइयाँ
- बालूशाही – बरेली की पहचान बन चुकी है।
- रसगुल्ला, गुलाब जामुन, कलाकंद, और बर्फी – हर मिठाई की दुकान पर मिलती हैं।
- पेडा – धार्मिक स्थलों के पास अक्सर प्रसाद के रूप में दिया जाता है।
स्थानीय स्ट्रीट फूड
टिक्की, समोसे, चाउमीन (थोड़ा इंडो-चाइनीज़ फ्लेवर के साथ) मिठी लस्सी और ठंडाई भी गर्मियों में पसंद की जाती हैं।
विशेष स्थान
बरेली के कुछ फेमस रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानें जैसे छोटी रैल्वे रोड की मिठाई की दुकानें, शेरू होटल, अल-मदीना रेस्टोरेंट, इत्यादि भी स्थानीय स्वाद के लिए प्रसिद्ध हैं।
College, University and Educational Institute
विश्वविद्यालय
- महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (MJPRU)
- इनवर्टिस विश्वविद्यालय
- बरेली इंटरनेशनल विश्वविद्यालय
कॉलेज
- बरेली कॉलेज, बरेली
- राजश्री इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी
- श्री राम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज
- हार्टमैन कॉलेज
शिक्षण संस्थान
- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), बरेली
- खान्डेलवाल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी
History of Bareilly: इस तरह बरेली जिला उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला है और ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लिए जाना जाता है।
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